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बेटियों की आवाज़!!

बेटी हुँ माँ-बाप की, कोई अभिशाप नहीं,
यू रोको न मुझे, उड़ जाने दो खुले आसमान में,
कांटे भरे हाथों से मेरे फूल से सपनों को न छुओ,
खिल जाने दो इन्हें मेरे देश के सम्मान में ।                                        🇮🇳

:-प्रियांशु निशु

गरीब की थाली

वो जूठी रोटी हमारे थाल की, शोभा बनती किसी कंगाल की, है भूख इतनी हम सब की, जब जी किया तब कुछ खाया, कैसी मजबूरी ये उनकी देखो, उनके थाल में कुछ न आया, मजदुरी वो सुबह - शाम करे, पर दिहाड़ी में हमने है सताया, हस-हस कर हम खाने बैठे, वो रो कर भी कुछ न पाया, हम घूमें ट्रैन से, हमारे बोझ को कुली बन उसने उठाया, और उसके 10 रुपये ज्यादा की मांग पर, हमने उसको डॉट भगाया, कैसी मजबूरी ये उनकी देखो, उनके थाल में कुछ न आया ।

:-निशु

Alone But Together BY NISHU

यह कहानी प्रियांशु(निशु) ने अपने एक अपरिचित मित्र शिवम् से हुई देर रात बातचित के आधार पे लिखी है, जोसमे शिवम् अपनी
LONG DISTANCE RELATIONSHIP
के बारे में बात कर रहा हैं ।।
शिवम और दिपाक्षी कि ये
कहानी में प्यार,दूरी
का बेहरीन मिश्रण है।
आशा करता हु ये कहानी आपको पसंद आएगी (This stoty is a narration but fiction)
रोज बुने है खर्च करके कई रातो को,
न जाने अब कहा रखे इतने सारे खयालातों को,
कोशिश की है लिखने की चंद जज्बातों को,
लेखक नही बस लिखा है लोगो के अल्फाज़ो को ।।
"Saheli is contraceptive issued by Govt. Of INDIA"    मैं बायोलॉजी पढ़ रहा था,ये मेरा पसंदीदा subject है,
मैं पढ़ ही रहा था लाइट चली गयी,मुझे शायद बायोलॉजी से कोई अलग नही कर सकता पर लाइट
जाने के बाद गर्मी ने कर दिया,
मैं बाहर बालकनी में जाकर खड़ा हो गया,
मेरे होस्टल की बालकनी काफी लंबी थी,
मैंने तुरंत अरिजीत सिंह के कुछ गाने बजा दिए और
मैं टहल टहल कर गानों के मजे ले रहा था,
अब इतना खूबसूरत मौसम था,
हवा मासूमियत से मेरे गालो को छू रही थी ।
लाइट आने के बाद भी मैं बहार ही खड़ा था,
बहुत अच्छा लग रहा था,
वो सुकून हां शायद…

एक कहानी ऐसी भी!!!

एक कहानी ऐसी भी!!! ( हां बच्चा हु माँ तेरी नज़र में,
पर किसी की नज़र में बाबु बन गया था)
खुद को माँ और उससे बॉट कर मैं खुद को ही भूल गया था, माँ से मोहब्बत उस लम्हे से हो गयी थी जब तन ढकने का भी होश नही था,और उससे तब,जब मेरे मुलायम से गालो पर दाढ़ी की सुरुवात हुई थी,वो मेरे स्कूल में मेरे क्लास की ही थी बचपन से साथ पढाई की थी हमने, हम साथ में घर घर भी खेलते थे,और घर घर खेलते हुए आज उस बचपन के खेल को हकीकत बनाने की कोशिश कर रहे थे !
दरअसल बात मेरे क्लास 8th की है 5 SEP की (TEACHER'S DAY)
हम सारे दोस्त TRUTH और DARE खेल रहे थे इतने में जब मेरे एक दोस्त की बारी आई उसने मुझे एक काफी दिलचस्प सवाल पूछ लिया,
CLASS में कौन है वो जिसे तू पसंद करता है??
मैंने थोड़ा संकोच करते हुए उसका नाम बता ही दिया फिर क्या सारे दोस्तों ने इतना शोर मचाया की ये बात उसतक पहुच गयी,
और शायद वो मुझसे बात करना चाहती थी इस बारे में,
लेकिन न तो मैं शारुख खान था और न ही राजेश खन्ना जो एक ही बार में उसे अपने प्यार का एहसास दिला देता,
उसके बर्थडे पर मैंने उसके लिए एक कविता लिख थी वैसे तो लडकिया थी हज़ार
पर दिल आया तुमपर पहल…

बारिश और इंसान

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बारिश की खूबसूरती अगर पूछनी है तोह मोर से पूछो, क्योंकि इस दुनिया में पशु-पक्षी के अलावा कोई निःस्वार्थ भाव से सच नही बोलता,पर सच का अनुसरण सब करना चाहते है ।। यहाँ लोग तारीफ़ भी स्वार्थ में और बुराई भी स्वार्थ में करते है ।। यहाँ सब की विचारधारा अलग है जैसे किसान तड़प रहा और भगवान से विनती कर रहा बारिश हो, तो वही कोई सूट-बूट और टाई लगाये साहब बोल रहे बारिश न हो वरना MEETING ख़राब हो जायेगी, सबका अपना स्वार्थ है!! हम सब जानते है बारिश होनी जरूरी है क्योंकि हमारे देश में बहुत किसान ऐसे है जो ख़राब फसल होने के कारण कर्ज के बोझ में दब कर मानव रूपी शरीर को तिरस्कृत कर देते है जिसे पाने के लिए हमारी आत्मा कई योनि तक तपस्या करती है ।। हमे इस को रोकने की एक कोशिस करनी होगी न कुछ तो कम से कम ईस्वर से सच्चे दिल से प्रार्थना करे की उन्हें उनकी मेहनत का फल मिले और इस साल अच्छी बारिश हो !!

:-निशु


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बरसात 😊

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इंसान चाहे कितनी भी दूर हो अगर मुहब्बत सच्ची है तोह है, यकीन नही होता तोह देखो आसमान और धरती के रिश्ते को इतनी दुरी होने के बाद भी आसमान को धरती की प्यास का एहसास हो जाता है ।।
:-निशु